Saturday, November 5, 2011

बताये क्या .

वह इश्क जो हमसे रूठ गया है ,
अब उसका हाल बताये क्या .
वह जहर जो दिल में उतर लिया ,
फिर उसके नाज़ उठाये क्या .
फिर आँखे लहू से खली है ,
यह शमन बुझने वाली है .
हम खुद भी के सवाली है ,
इस बात पे हम शर्मायें क्या .
एक आग गम -इ - तन्हाई की ,
जो सारे बदन में फ ल गयी .
जब जिस्म ही सारा जलता हो ,
तो फिर दमन -इ -दिल को बचाए क्या .
जो इसका हमसे रूठ गया है ,
उसका हाल बताये क्या .

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